UIDAI Update Aadhar : जिन परिवारों का आधार कार्ड में एड्रेस अपडेट नहीं हो पा रहा था, उनके लिए राहत भरी खबर है। UIDAI की ओर से आधार कार्ड से जुड़े एक लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे पर बड़ा और व्यावहारिक समाधान दिया गया है। अब परिवार के मुखिया (Head of Family - HOF) की सहमति के आधार पर किसी भी सदस्य का एड्रेस आसानी से अपडेट किया जा सकेगा।
यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो किराए के मकानों में रहते हैं या जिनके पास अपने नाम से वैध पते का कोई दस्तावेज नहीं होता। आधार आज सिर्फ पहचान का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का मुख्य प्रवेश द्वार बन चुका है-ऐसे में एड्रेस अपडेट की यह नई सुविधा लाखों लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अब तक आधार में पता बदलवाने के लिए बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट या अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती थी, जो अक्सर किरायदारों, छात्रों और गृहिणियों के पास उपलब्ध नहीं होते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए UIDAI ने HOF आधारित प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया है। अब यदि परिवार के मुखिया के आधार में सही पता दर्ज है, तो परिवार के अन्य सदस्य उसी पते को अपने आधार में अपडेट कर सकते हैं-बशर्ते मुखिया इसकी अनुमति दे।

UIDAI Update Aadhar : पूरी प्रक्रिया डिजिटल एंड यूजर फ्रेंडली
इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। आवेदक को आधार पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए एड्रेस अपडेट के विकल्प में जाकर “Head of Family” का चयन करना होता है। इसके बाद परिवार के मुखिया का आधार नंबर दर्ज कर संबंध की जानकारी देनी होती है। वेरिफिकेशन के लिए ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे प्रक्रिया सुरक्षित बनी रहती है।
प्रक्रिया पूरी करने के लिए 75 रुपये की निर्धारित फीस ऑनलाइन जमा करनी होती है, जिसके बाद एक सर्विस रिक्वेस्ट नंबर (SRN) जारी किया जाता है। इस SRN को परिवार के मुखिया के साथ साझा करना जरूरी होता है। जब मुखिया अपने आधार लॉगिन के जरिए ‘Member Request’ सेक्शन में जाकर इस अनुरोध को मंजूरी देता है, तभी एड्रेस अपडेट की प्रक्रिया पूरी होती है। बिना अनुमति के कोई भी बदलाव संभव नहीं है, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होती हैं।
UIDAI की यह पहल खासकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों और किरायदारों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। अब उन्हें आधार केंद्रों के चक्कर लगाने या दस्तावेजों की कमी के कारण परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक स्मार्टफोन और परिवार के मुखिया की सहमति के साथ यह पूरा काम घर बैठे ही कुछ आसान चरणों में पूरा किया जा सकता है।